मध्यप्रदेश में लोकतंत्र की जड़ें हिलाने की सबसे बड़ी साजिश :-पी सी में जीतू पटवारी

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नामिनेशन के दिन ही मतदाता सूची फ्रीज करे आयोग-कांग्रेस

कई जिलों में फार्म ही नही छपे और SIR शुरू

बिना तैयारी कैसा पुनरीक्षण

भोपाल 8 नवंबर 2025

मध्यप्रदेश में लोकतंत्र की जड़ें हिलाने की सबसे बड़ी साजिश को बेनकाब करने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित किया ।

इस अवसर पर संगठन महामंत्री डॉ. संजय कामले, वरिष्ठ नेता रामेश्वर नीखरा, पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, वरिष्ठ नेता जेपी धनोपिया, प्रदेश प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता अजीत भदौरिया, उपस्थित रहे ।

श्री जीतू पटवारी ने कहा
“राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग से पाँच सवाल पूछे थे, लेकिन जवाब दे रहे हैं गृह मंत्री अमित शाह। इसका मतलब साफ है — आयोग पर भाजपा का कब्जा पूरा हो चुका है।”

उन्होंने बताया कि बिहार के पहले चरण में लाखों मतदाता अपने बूथ नहीं ढूंढ पाए क्योंकि नाम रातोंरात गायब कर दिए गए।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि घुसपैठियों के नाम काटे गए, पर मध्यप्रदेश के अठ्ठाईस लाख पलायन मजदूर क्या घुसपैठिए हैं?

कांग्रेस ने 25 दिन पहले हर विधानसभा में एक SIR प्रभारी तैनात किया है, 90% बूथों पर BLA-2 तैयार हो चुके हैं और डेढ़ लाख कार्यकर्ता चौबीस घंटे मैदान में सक्रिय हैं।

श्री पटवारी ने आगे कहा —
“ काग्रेस एक भी देशभक्त का नाम नहीं कटने देंगी।”

उन्होंने बताया कि 25 से 30 नवंबर तक दिल्ली में देशव्यापी महारैली होगी।
रामलीला मैदान से लाखों कार्यकर्ता पैदल मार्च करेंगे और 30 नवंबर को राष्ट्रपति भवन के सामने पाँच किलोमीटर लंबी मानव-श्रृंखला बनेगी।
कांग्रेस 5 करोड़ हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपेगी।
मध्यप्रदेश से 50,000 कार्यकर्ता 100 विशेष ट्रेनों से दिल्ली पहुँचेंगे।

श्री दिग्विजय सिंह जी ने कहा

दिग्विजय सिंह ने नियमों की पोल खोलते हुए कहा —
सन् 2003 में जन्म-तिथि, राशन कार्ड, स्कूल सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज पर्याप्त थे,
लेकिन अब नागरिकता प्रमाण-पत्र मांगा जा रहा है,
जो 99% भारतीयों के पास नहीं है।
दिग्विजय सिंह ने मांग की कि चुनाव आयोग चुनाव की घोषणा होते ही मतदाता सूचियों को फ्रीज करे।ताकि उसके बाद कोई भी नाम घटाया बढ़ाया न जा सके।सिंह ने कहा कि आयोग जो मतदाता सूची उम्मीदवारों को देती है और चुनाव के दिन जो पीठासीन अधिकारी के पास होती है उनमें अंतर होता है।सैकड़ों मतदाताओं को इस सप्लीमेंट्री सूची की आड़ में मतदान से वंचित किया जाता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में 10 साल में 88हजार घुसपैठियों को वापिस भेजा जबकि भाजपा ने 11 साल में केवल 2400 घुसपैठिये ढूंढे,
लेकिन बिहार में एक झटके में घुसपैठ का हल्ला मचाकर 62 लाख नाम काट दिए गए।

“असम में 19 लाख लोग आज भी डिटेंशन कैंप की कगार पर हैं, और मध्यप्रदेश में डेढ़ करोड़ नाम कटने का खाका तैयार है।”

श्री उमंग सिंघार ने कहा

श्री उमंग सिंघार ने दस गंभीर सवाल खड़े किए —
“बारह राज्यों में इक्कीस साल बाद एक साथ SIR क्यों?”

उन्होंने कहा कि हरियाणा में रात दो बजे वोट गायब, सुबह सात बजे भाजपा आगे

“इसे ब्राजील मॉडल कहते हैं।”

बिहार में छठ पूजा के नाम पर 40,000 फर्जी वोटर ट्रेनों में घुसाए गए।
मध्यप्रदेश में 50 लाख वोट कटने वाले हैं, जिनमें 70% आदिवासी और पलायन मजदूर हैं।

अठारह हजार नई भर्ती शिक्षक SIR ड्यूटी में लगाए गए —

“परीक्षा परिणाम कौन निकालेगा?”
भोपाल में डेंगू नियंत्रण के 1200 कर्मचारी भी इस काम में लगा दिए गए।

उन्होंने कहा —
30 दिसंबर को अंतिम सूची आएगी, पर आपत्ति का एक दिन भी नहीं बचेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में कहा था कि राजनीतिक दलों से परामर्श जरूरी है —
पर आज तक नहीं माना गया।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर 11 शिकायतें दर्ज हैं,
“पर जवाब शून्य है।”

श्री सज्जन सिंह वर्मा का बयान
सज्जन सिंह वर्मा ने दस्तावेजी सबूत रखे।
उन्होंने बताया कि 65% पंचायतों में फॉर्म-18 नहीं पहुँचा,
28,000 बीएलओ के मोबाइल नंबर गायब हैं।

“चार सौ पार का सपना टूटा तो पाँच जून 2025 को भाजपा ने चुनाव आयोग को हथियार बनाया।”
सात राज्यों में एक ही प्रिंटिंग प्रेस से फर्जी फॉर्म छपवाए गए,
और मध्यप्रदेश में 1.5 लाख RSS शाखा प्रभारी बीएलओ बना दिए गए।

कांग्रेस का दस-सूत्री वोट-रक्षा अभियान

कांग्रेस ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए दस-सूत्री वोट-रक्षा अभियान शुरू किया है

  1. हर बूथ पर तीन शिफ्ट में नौ कार्यकर्ता तैनात।
  2. 10 नवम्बर से पाँच लाख घर-घर जागरूकता टीमें।
  3. 15 नवम्बर तक एक करोड़ दस्तावेज स्कैन।
  4. 20 नवम्बर तक शत-प्रतिशत BLA प्रशिक्षण।
  5. 25 नवम्बर से 50,000 मोटरसाइकिल रैलियाँ।
  6. 28 नवम्बर को प्रदेशव्यापी “वोट-हक दिवस।”
  7. 30 नवम्बर को दिल्ली में “लोकतंत्र बचाओ मानव-श्रृंखला।”
  8. 5 दिसम्बर को सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका।
  9. 10 दिसम्बर को 10 लाख पोस्टकार्ड राष्ट्रपति को।
  10. 1666 हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत सहायता उपलब्ध।

जनता से अपील

आधार, वोटर कार्ड, राशन कार्ड और दसवीं की मार्कशीट की फोटोकॉपी तैयार रखें।

10 नवम्बर तक अपने बूथ की BLA सूची चेक करें।

BLO आए तो पाँच कार्यकर्ता साथ रहें और वीडियो बनाएं।

नाम कटे तो तुरंत 1666 पर कॉल करें।

25 नवम्बर को नजदीकी तहसील में वोट-हक सत्याग्रह में शामिल हों।

अंतिम संकल्प

अंत में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा
“हम वोटचोरी नहीं होने देंगे, वोट-रक्षा करेंगे। फर्जी वोट की सरकार नहीं बनने देंगे।
तेरह सौ पचास विधानसभाओं के एक लाख अस्सी हजार बूथों पर पाँच लाख आंखें चौबीस घंटे जागेंगी।

दिल्ली की सड़कों पर, सुप्रीम कोर्ट की सीढ़ियों पर, हर गली-चौराहे पर हम लोकतंत्र की आखिरी लड़ाई लड़ेंगे।”

मीडिया से अपील की गई कि हर जिले में शाम 6 बजे “वोट-रक्षा बुलेटिन” प्रसारित करें,
BLO की हर गतिविधि पर कैमरा रखें और फर्जी फॉर्म की कॉपी कांग्रेस को भेजें।