महिला एवं बाल अपराध रोकने समाज, परिवार और शासन तीनों स्तरों पर काम करने की जरूरत : डॉ आरएच लता
भोपाल।
बालिकाओं के आनलाइन परामर्श के लिए एडूजी लाइफ और स्वदेश ज्योति के तत्वावधान में एक काल सेंटर का शुभारंभ सामाजिक संस्था एडूजी लाइफ की संस्थापक एवं भारतीय योगिनी महासंघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आरएच लता एवं वरिष्ठ पत्रकार अक्षत शर्मा और बालिका आंशिका वशिष्ठ के कर कमलों द्वारा “स्वदेश ज्योति भवन” में किया गया। इस अवसर पर शैलेंद्र ओझा, अपना घर वृद्धाश्रम के विश्वजीत दुबे, एड. जीके छिब्बर, पत्रकार संदीप सिंह गहरवार, योग शिक्षिका अंजू वशिष्ट, चिन्मयी शर्मा, सुदेश गौड़, भव्या शर्मा तथा विकास मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर एडूजी लाइफ की संस्थापक डॉ लता ने कहा कि एडूजी लाइफ द्वारा “जीवन तरंग” के रूप में हम बालिकाओं के लिए ऑनलाइन परामर्श केंद्र का शुभारंभ कर रहे हैं।
इस परामर्श केंद्र के माध्यम से बेटियों को न केवल शारीरिक प्रताड़ना की स्थिति में बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा अन्य किसी भी क्षेत्र में विषय विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन परामर्श दिया जाएगा। इसके लिए बच्चियां मो. नं. 9479515766 पर संपर्क कर सकती हैं। डॉ लता ने कहा कि यह पहल केवल एक सेवा केंद्र भर नहीं है, बल्कि यह हमारी बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य, उनके आत्मविश्वास और उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि मप्र सहित पूरे देश में बालिकाओं के प्रति अपराध की घटनाएं समय-समय पर हमारी चिंता का कारण बनती रही हैं। इन घटनाओं का असर न केवल पीड़िता पर, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। लेकिन हमें यह भी समझना होगा कि अपराध की रोकथाम सिर्फ कठोर कानूनों से संभव नहीं है, इसके लिए जागरूकता, मार्गदर्शन और संवेदनशील परामर्श की भी उतनी ही आवश्यकता है। यही सोच इस ऑनलाइन परामर्श केंद्र की नींव है।यहाँ बालिकाएँ अपनी शंकाएँ, समस्याएँ और चुनौतियाँ बिना हिचक साझा कर सकेंगी।
प्रशिक्षित काउंसलर करेंगी हर स्तर पर उचित मार्गदर्शन :
डॉ लता ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सजग नागरिक बनाने में सहायक होगा। यह हमारी बेटियों को केवल सहायता ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें यह विश्वास भी दिलाएगा कि वे अकेली नहीं हैं। कोई भी समस्या, चाहे वह शिक्षा से जुड़ी हो, करियर की हो, मानसिक स्वास्थ्य की हो या फिर व्यक्तिगत सुरक्षा की, यह प्लेटफॉर्म उन्हें समाधान और सहयोग प्रदान करेगा।
डॉ लता ने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि जब समाज, परिवार और शासन तीनों स्तरों पर एक साथ काम करेंगे, तो महिलाओं से जुड़े अपराधों में उल्लेखनीय कमी आएगी। शिक्षा, परामर्श और सशक्तिकरण—ये तीन आधार स्तंभ हैं, जिनसे हमारी बेटियां किसी भी कठिन परिस्थिति का सामना कर सकती हैं।
बालिकाओं के लिए जीवन तरंग जैसा होगा प्रयास : अक्षत शर्मा
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अक्षत शर्मा ने कहा कि मैं एडूजी लाइफ संस्था के इस प्रयास की सराहना करता हूं। यह प्रयास बालिकाओं के लिए जीवन तरंग की तरह ही होगा। यह एक जीवन दायिनी की तरह होगी जो मुश्किल समय में उनको सहायता देगी, उचित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। एडूजी लाइफ संस्था के माध्यम से यह ऑनलाइन परामर्श दिया जाएगा। मैं उम्मीद करता हूं कि संस्था अपने प्रयास में हमेशा की तरह सफल रहेगी
तीन संस्थाओं की बच्चियां ऑनलाइन जुड़ीं :
शुभारंभ के बाद सेंट्रल लायब्रेरी की छात्राओं तथा शासकीय विद्यालय रायसेन तथा ऋषिनगर उज्जैन की बच्चियों ने वीडियो कॉल के माध्यम से चर्चा की। इन बच्चियों से वरिष्ठ पत्रकार अक्षत शर्मा ने आग्रह किया कि यह सेवा आपकी बेहतरी के लिए ही शुरु की गई है, इसका निःसंकोच लाभ उठायें तथा दूसरों को भी प्रेरित करें। इस अवसर परसमाजसेवी, पत्रकार, अन्य लोग उपस्थित थे।
