देर आए दुरुस्त आए
इंदिरा खरे
‘देर आये दुरुस्त आये’ यह कहावत बताती है कि काम की गति से ज्यादा उसकी शुद्धता और सही परिणाम महत्वपूर्ण है. किसी काम का समय पर न होकर पूरी गुणवत्ता के साथ होना कभी न होने से बेहतर है. इसीलिए ऐसे कार्यों के लिए अंग्रेज़ी में कहावत है ‘बेटर लेट दैन नेवर ‘.और इसका परिदृश्य बनाता है “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” जो 20 सितम्बर 2023 को लोकसभा में पास हुआ. अब 24 मार्च 2026 को इसे लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने तैयारी शुरू की है. संसद में दो बिल लाये जा सकते है. जिसमें लोकसभा सीटें 816 होंगी और महिला सांसदों की संख्या सीटें 273 तक पहुंचेंगी. “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 106 वां संवैधानिक संशोधन 2023 ( 128 वां बिल था ) कानून आगामी परिसीमन प्रक्रिया और जनगणना के बाद 2029 के चुनावों के बाद प्रभावी होगा.
महिला सांसदों के आंकड़ों की बात करें तो 18 वीं लोकसभा 2024 में कुल 74 महिला उम्मीदवार लोकसभा में चुनकर पहुंची हैं.ऐ संख्या कुल 543 सदस्यों का 13.6% है. जबकि 17 वीं लोकसभा 2019 में महिला सांसदों की संख्या 78 थी 543 का 14.4% .
महिला उम्मीदवारों की बात करें तो 18 वीं लोकसभा में 797 में से 74 लोकसभा पहुंची जिनमें 30 सांसद दोबारा चुन कर लोकसभा पहुंची.और 17 वीं लोकसभा में 726 में से 78 महिला उम्मीदवार लोकसभा पहुंची. उम्मीदवारों में इनका प्रतिशत 9.7%और 10.74 % क्रमशः रहा है. बहुत पीछे जाएँ तो पहली लोकसभा में महिला सांसदों का प्रतिशत 5% और 17 वीं लोकसभा में 14.4% सर्ज किया. जो अभी तक अधिकतम है.
18 वीं लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या का ग्राफ गिरने के कारणों पर अभी भी शोध जारी है.
(डेटा स्त्रोत विज़नआईऐएसडॉटइन)
