मिनाल रेजिडेंसी में नारी गौरव संगठन ने मनाया हरियाली तीज , हरी साड़ी में मनाया उत्सव

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सावन की हरियाली में सजी तीज की महफिल, साधना बनीं हरियाली क्वीन

65 महिलाओं ने लिया हिस्सा; सावन गीत, नृत्य और तीज पर्व पर हुई प्रश्नोत्तरी

भोपाल। सावन की फुहार, हरे परिधानों की छटा और पारंपरिक गीतों की मधुर धुनों के बीच मिनाल रेजिडेंसी में नारी गौरव संगठन द्वारा हरियाली तीज उत्सव उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में करीब 65 महिलाओं ने सहभागिता की। महिलाओं ने सावन गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किए और विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक हिस्सा लेकर पर्व की खुशियां साझा कीं।
आयोजन में इस बार मनोरंजन के साथ भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को जानने-समझने पर भी विशेष जोर दिया गया। तीज पर्व और भारतीय व्रत-त्योहारों से संबंधित प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। इसका उद्देश्य महिलाओं को हमारी प्राचीन परंपराओं, त्योहारों के धार्मिक महत्व और उनसे जुड़े सामाजिक संदेशों की जानकारी देना था।

हरे रंग की 35 चीजें पहनकर बनीं हरियाली क्वीन :

कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण हरियाली क्वीन प्रतियोगिता रही। इसमें साधना सिन्हा हरियाली क्वीन चुनी गईं। उन्होंने हरे रंग की 35 चीजें धारण की थीं। उनके श्रृंगार में पायल और बिछिया भी शामिल थीं। पारंपरिक परिधान और सोलह श्रृंगार के साथ उनकी प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। वहीं सोलह श्रृंगार प्रतियोगिता में मंजू तोमर, प्रियंका शर्मा और नीलम विजेता रहीं। निर्णायक मंडल में हेमलता राजपूत और प्रियंका भाटिया ने महिलाओं की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।

पर्व हमारी संस्कृति की पहचान, नई पीढ़ी को जोड़ना जरूरी : शिरोमणि शर्मा

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पार्षद शिरोमणि शर्मा ने महिलाओं को हरियाली तीज की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तीज जैसे पर्व हमारी भारतीय संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं को मजबूत करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय त्योहारों में केवल उत्सव और उमंग ही नहीं, बल्कि परिवार, प्रकृति, संस्कार और सामाजिक समरसता का संदेश भी छिपा है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में ऐसे आयोजनों की आवश्यकता और बढ़ गई है, ताकि हमारी नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं की जड़ों से जुड़ी रहे। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि वे परंपराओं को सहेजने के साथ उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

महिलाओं को संस्कृति से जोड़ना हमारा उद्देश्य : अभिलाषा श्रीवास्तव

नारी गौरव संगठन की संस्थापक अभिलाषा श्रीवास्तव ने कहा कि हरियाली तीज केवल महिलाओं के श्रृंगार और उत्सव का पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति, सौभाग्य और पारिवारिक मंगलकामना का प्रतीक है। संगठन का प्रयास है कि महिलाओं को अपनी संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने के साथ उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मंच भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिलाएं एक-दूसरे से जुड़ती हैं और नई पीढ़ी को हमारी परंपराओं की जानकारी भी मिलती है।
कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पूजा भाटिया द्वारा उपहार प्रदान किए गए। सावन गीतों, नृत्य और पारंपरिक गतिविधियों के बीच महिलाओं ने जमकर उत्सव का आनंद लिया। पूरे आयोजन के दौरान मिनाल रेजिडेंसी का वातावरण हरे रंग और भारतीय संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। नारी गौरव संगठन की संस्थापक अभिलाषा श्रीवास्तव, कविता श्रीवास्तव और आशा राघव ने कहा कि भविष्य में भी महिलाओं को केंद्र में रखकर सांस्कृतिक, सामाजिक और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि महिला सहभागिता के साथ भारतीय परंपराओं की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाया जा सके।